किसान भी लाभ के प्रति खिंच कर खुद ही हस्तक्षेप को आमंत्रित कर रहे हैं. हाल की बात करें तो बेमौसम बारिश के कारण हुए नुकसान के बाद राहत की मांग इसका उदाहरण है. यह मांग उन इलाकों से भी उठ रही है जहां बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है. सरकार जो भी सहायता प्रदान करेगी उससे उनकी विपदा कम होगी लेकिन यह बात कृषि संबंधी फैसलों की संभावनाओं को भी सीमित करेगी.
किसान भी लाभ के प्रति खिंच कर खुद ही हस्तक्षेप को आमंत्रित कर रहे हैं. हाल की बात करें तो बेमौसम बारिश के कारण हुए नुकसान के बाद राहत की मांग इसका उदाहरण है. यह मांग उन इलाकों से भी उठ रही है जहां बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है. सरकार जो भी सहायता प्रदान करेगी उससे उनकी विपदा कम होगी लेकिन यह बात कृषि संबंधी फैसलों की संभावनाओं को भी सीमित करेगी.
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