गांव, गरीब और किसान की सेवा हमारा लक्ष्य
निर्विरोध चुने गए अध्यक्ष भंवरसिंह शेखावत का स्वागतगरीब और ल ाु सीमांत किसानों तक सहकारी बैंक पहुंचे और उनके आर्थिक कल्या ा का मा यम बने यह हमरा लक्ष्य होगा। म यप्रदेश रा य सहकारी अपे स बैंक के पहले गैर कांग्रेसी एवं पहले भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भंवरसिंह शेखावत ने निर्विरोध अ यक्ष निर्वाचित होने के बाद यह बात अपने पहले उद्बोधन में कही।पचास साल के बाद भाजपा का अपे स बैंक में परचम लहराते हुए भंवरसिंह शेखावत ने अपने नवनिर्वाचित संचालक मंडल तथा नवनिर्वाचित उपा यक्ष कैलाश सोनी एवं ाीमती सरिता सिंह के साथ स्वागत समारोह एवं प ाकारों से चर्चा करते हुए कहा कि जब से भाजपा के सहकारी कार्यकर्ताओं के हाथ में सहकारी संस्थाओं की कमान आई है तब से उनके हालात बदले हैं और वर्षों से ााटे में चल रही बैंक न केवल ााटे से उबरी हैं बल्कि अब वे फायदे में चल रही हैं। उ होंने कहा कि नेतृ व बदला है लोगों की मानसिकता बदली है इसलिए परि ााम भी सकारा मक आए हैं। उ होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि सहकारी बैंकों को नए दौर में नया कलेवर, नई संभावनाओं के साथ नए क्षे ा में उतारा जाए। यह इसलिए जरूरी है ताकि जिस गांव, गरीब और किसान की सेवा में सहकारी बैंक लगा है उसे हम बेहतर से बेहतर सेवा दे सकें उनकी प्रगति में सहायक बन सके। ाी शेखावत ने कहा कि सहकारी आंदोलन को सुदृढ़ बनाने में मु यमं ाी शिवराजसिंह चौहान ने जिस दृढ़ इच्छाशक्ति से काम किया है उससे हम सभी सहकरी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। उ होंने कहा कि पूर्ववर्ती गैर भाजपा सरकारों ने सहकरी क्षे ा को उसके उद्देश्यों के विपरीत शोष ा का अड्डा बना रखा था। सोलह-स ाह प्रतिशत याज दर पर उ हें ऋ ा दे रहे थे। कर्ज के बोझ से हमारे किसानों की कमर टूट गई। इससे खेती किसानी उनके लिए एक ााटे की खाई बन गई थी। शिवराजसिंह चौहान ने खेती को लाभ का धंधा बनाने का संकल्प व्यक्त करते हुए पहले याज दर को सात प्रतिशत किया, फिर पांच प्रतिशत अब उ होंने 3 प्रतिशत याज दर पर किसानों को ऋ ा देने का र्नि ाय लिया और इससे प्रदेश के किसानों को राहत मिली है। उनका बोझ कम हुआ है और अब आने वाले दिनों में उनके लिए कृषि फायदे का व्यवसाय बनेगा।पचास साल बाद अपे स बैंक में गैर कांग्रेसी पहले भाजपा के निर्वाचित अ यक्ष
भंवरसिंह शेखावत बाइसवें अ यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने गएपूर्व विधायक भंवरसिंह शेखावत 1958 याने पचास साल के बाद पहले गैर कांग्रेसी होंगे जो सहकारिता की शीर्ष संस्था अपे स बैंक के विधिवत निर्वाचित अ यक्ष चुने गए हैं। आज सुबह संचालक मंडल के पंद्रह सदस्यों ने ाी शेखावत को निर्विरोध अ यक्ष चुना।म यप्रदेश के सहकारिता के क्षे ा में आज का दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है योंकि 23 फरवरी 1958 के बाद पहली बार सहकारिता की शीर्ष संस्था अपे स बैंक के अ यक्ष पद पर भंवरसिंह शेखावत गैर कांग्रेसी अ यक्ष होंगे, जिनका निर्वाचन लोकतां िाक तरीके से हुए है। 1958 में के.पी. पांडे अपे स बैंक के पहले अ यक्ष बने थे। उसके बाद 1972 में एल.पी. भार्गव अ यक्ष बने। ये सभी कांग्रेस से संबंद्ध रहे हैं। 1977 में जब प्रदेश में गैर कांग्रेसी सरकार बनी तो डॉ. एम.पी. स सेना को बैंक का ओ.आई.सी. बनाया गया। एक माह बाद ही सुंदरलाल पटवा को अपे स बैंक का अ यक्ष मनोनीत किया गया। इसके चार दिन बाद ही कानूनी पेंचदिगियों के चलते डॉ. एम.पी. स सेना पुन: ओआईसी एवं चेयरमेन मनोनीत हो गए। 28 अ टूबर 1980 को भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रदीप बैजल अ यक्ष बनाए गए। 31 दिसंबर 1980 को सुभाष यादव अपे स बैंक को अ यक्ष बने जो 1990 तक रहे। एक अगस्त 1990 को सुभाष यादव को त कालीन सरकार ने अनियमितताओं के चलते हटाकर पुन: भारतीय प्रशासनिक सेवा के शिवराज सिंह को अपे स बैंक का ओआईसी बना दिया। नवंबर 1990 में डॉ. एम.पी. स सेना, दिसंबर 1992 में आईएएस जे.एल. अजमानी, मई 1993 में आईएएस ए.के. सिंह, बैंक के ओआईसी सह अ यक्ष बने। जून 1993 में पुन: सुभाष यादव अपे स बैंक के अ यक्ष रहे जो 1996 तक रहे और फिर 1997 से 2004 तक निरंतर अपे स बैंक के अ यक्ष बने। बीच में पांच माह के लिए वर्ष 1996 में सूरज प्रकाश रजिस्ट्रार सहकारिता ओआईसी बने। 2004 से लेकर 2008 तक मनोज कुमार, डॉ. भागीरथ प्रसाद, व्ही.वी. धर्माधिकारी, आर.के. सवाई सभी आईएएस एवं बाद में सहकारिता मं ाी गोपाल भार्गव अपे स बैंक के मनोनीत अ यक्ष रहे।भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल में पूर्व विधायक एवं त कालीन उपा यक्ष अपे स बैंक भंवरसिंह शेखावत को अ यक्ष मनोनीत किया गया। इसके साथ ही अपे स बैंक के संचालक मंडल एवं अ यक्ष पद पर विधिवत निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई। इसके परि ाामस्वरूप अपे स बैंक संचालक मंडल के निर्वाचन र्पू ा होने के बाद 19 नवंबर को भंवरसिंह शेखावत अपे स के 22वें अ यक्ष के रूप में विधिवत निर्विरोध निर्वाचन हुआ। ाी शेखावत के निर्वाचन ने अपे स बैंक के अ यक्ष में एक नया गैर कांग्रेसी अ यक्ष होने का पन्ना जोड़ते हुए एक नया इतिहास रच दिया।
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