नई ‌‌‌‌‌‌इबारत

मंगलवार, 14 जून 2022

पंचायत चुनाव में ‌इस‌बार कड़ा मुकाबला

 भोपाल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।


गुरुवार, 31 मार्च 2022

बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के पत्र पर मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

15 अप्रैल तक चुका सकेंगे किसान खरीफ फसल ऋण: शिवराज सिंह

28 मार्च को विधायक खत्री ने लिखा था मुख्यमंत्री जी को पत्र

प्रदेश पब्लिसिटी - भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को एक बड़ी सौगात देते हुए ऋण जमा करने की तिथि में बढ़ोतरी करते हुए 15 अप्रैल कर दी है। जिससे प्रदेश के किसानों को भुगतान करने में परेशानी नहीं होगी और न ही किसानों को देरी से होने वाले भुगतान पर ब्याज भी नहीं लगेगा। साथ ही बैंक ऋण भुगतान नहीं करने की दशा में डिफाल्टर भी नहीं होंगे। इससे पहले जमा करने की अंतिम तिथि 28 मार्च थी। जिसके बाद ऋण पर ब्याज एवं डिफाल्टर होने की परेशानी हो रही थी।

उल्लेखनीय है कि किसानों पर पिछले 2 सालों से लॉक डाउन सहित अन्य भार का वहन करना पड़ा था। ऐसे में 4 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर खरीदी होना है और 31 मार्च तक किसानों को भुगतान करने की सीमा तय की गई थी। लेकिन बैरसिया विधायक विष्णु खत्री ने 28 मार्च को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर  क्षेत्र के किसानों के साथ-साथ प्रदेश के किसानों की समस्या को उठाते हुए तत्काल पत्र लिखकर मांग की थी कि किसानों पर ऋण का बोझ है, जिसे वे फसल आने तक नहीं जमा कर सकते हैं। इसलिए ऋण जमा करने की अवधि में बढ़ोतरी की जाना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने  कहा कि किसानों के लिए खरीफ फसल का ऋण चुकाने की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल की जा रही है। किसानों को खरीफ फसल के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा  लिया गया था। लोन चुकाने की अवधि 31 मार्च को समाप्त हो रही थी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कई किसान भाई-बहन इस राशि को जमा नहीं करा पाए हैं। अवधि समाप्त होने के बाद वे डिफाल्टर हो जाएंगे और डिफाल्टर होने के बाद उन्हें अधिक ब्याज देना होगा। इसके दृष्टिगत  खरीफ फसल   का ऋण चुकाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अप्रैल की जा रही है, इससे किसानों को ऋण चुकाने में सुविधा होगी और वे डिफाल्टर नहीं होंगे।

बढ़ी हुई अवधि का 60 करोड़ रूपये राज्य सरकार भरेगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बढ़ाई गई अवधि के लोन के ब्याज का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा, जिसकी राशि लगभग 60 करोड़ रूपये होगी। यह राशि किसानों की ओर से राज्य  सरकार द्वारा भरी जाएगी। इससे किसान अपने ऋण की राशि सुविधाजनक तरीके से भर सकेंगे और वे  डिफाल्टर भी नहीं हो पाएंगे।

विधायक विष्णु खत्री ने माना मुख्यमंत्री जी का आभार 

बैरसिया विधायक विष्णु खत्री ने ट्वीटर के माध्यम से स् जननायक आदरणीय मुख्यमंत्री जी द्वारा ऋण जमा करने की तिथि को 15 अप्रैल कर दिया गया है...। सदैव किसान हित एवं विकास में निर्णय लेने के लिए, संपूर्ण किसान भाईयों की तरफ से माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति हृदय से धन्यवाद एवं आभार..


शनिवार, 12 मार्च 2022

शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

बुधवार, 14 नवंबर 2018

बैरसिया में ब्रह्मा, विष्णु और हरि के बीच होगा मुकाबला

ब्रह्मानंद रत्नाकर के नाम वापसी के सारे प्रयास विफल भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की बैरसिया विधानसभा सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होने जा रहा है। 'विष्णुÓ के सामने 'ब्रह्माÓ की ललकार होगी। वहीं कांग्रेस से जयश्री 'हरिÓकरण सीधे मुकाबले में उतर चुकी है जिससे मुकाबला रोमांचक हो गया है। भाजपा के विष्णु खत्री बैरसिया से मौजूदा विधायक हैं। उनके सामने होंगे भाजपा के बागी ब्रह्मानंद रत्नाकर जो निर्दलीय खड़े हैं। आज नाम वापसी का आखिरी दिन था और ब्रह्मानंद ने नामांकन वापस नहीं लिया है। पार्टी कार्यालय पर किया था प्रदर्शन ब्रह्मानंद रत्नाकर ने टिकट की दावेदारी के साथ ही सड़क से लेकर भाजपा कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया था, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सक्रियता से टिकट की मांग की थी। वहीं भाजपा ने इस बार फिर विष्णु खत्री को रिपी
ट किया है। वो 2013 में बैरसिया से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। लेकिन टिकट की आस ब्रह्मानंद रत्नाकर को थी। जब टिकट नहीं मिला तो बागी तेवर दिखाते हुए उन्होंने निर्दलीय ही नामांकन दाखिल कर दिया। साल 2008 में ब्रह्मानंद रत्नाकर ने कांग्रेस के हीरालाल को इसी सीट पर 23 हजार वोट से हराया था। बैरसिया को भाजपा का किला माना जाता है। कांग्रेस महज दो बार इस सीट पर काबिज हो पाई है। साल 1957 और 1998 में। ब्रह्मा को मनाने सांसद संजर, जिपंअ नागर जुटे रहे बैरसिया विधानसभा से भाजपा के बागी प्रत्याशी ब्रह्मानंद रत्नाकर को मनाने के लिए सांसद आलोक संजर और जिला पंचायत अध्यक्ष मनमोहन नागर बैरसिया में सक्रिय रहे परंतु ब्रह्मानंद रत्नाकर से दोनों नेताओं की मुलाकात नहीं हो पाई। जबकि ब्रह्मानंद रत्नाकर सक्रिय रूप से जनसंपर्क करते रहे।