नई ‌‌‌‌‌‌इबारत

शुक्रवार, 8 जुलाई 2022

अमरनाथ में बादल फटा:3 महिलाओं समेत 15 की मौत, टेंट बहे; 45 श्रद्धालु फंसे, राहत-बचाव में जुटा NDRF

 जम्मू-कश्मीर, प्रदेश 24 न्यूज (डेस्क) 



अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से 15 लोगों की मौत हो गई है। घटना शुक्रवार शाम 5 बजकर 30 मिनट पर हुई। जिस समय बादल फटा, उस समय गुफा के पास 10 से 15 हजार श्रद्धालु मौजूद थे। इस घटना में मरने वालों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं। 35 से 40 श्रद्धालुओं के अब भी फंसे होने की खबर है। गुफा के पास फंसे यात्रियों को पंचतरणी ले जाया गया है। एयरफोर्स भी राहत और बचाव कार्य में जुटा है।


बादल फटने की घटना पवित्र गुफा के एक से दो किलोमीटर के दायरे में हुई। पहाड़ों से तेज बहाव के साथ आए पानी से श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए करीब 25 टेंट और दो से तीन लंगर बह गए। बारिश से पूरे इलाके में तेजी से पानी भर गया और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। कई श्रद्धालु लापता हैं और उनके तेज बहाव में बहने की आशंका है। गांदरबल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं अलर्ट मोड में हैं।

सेना समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं
घटना के तुरंत बाद सेना, ITBP, CRPF, BSF, NDRF और SDRF के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने रेस्क्यू शुरू कर दिया। NDRF के DG अतुल करवाल ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालकर कैंपों तक पहुंचाया जा रहा है। घायलों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल ले जाया गया है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस, NDRF और सेना के जवान राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे।

प्रधानमंत्री ने रेस्क्यू मिशन की जानकारी ली

हादसे के बाद PM नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की। उन्होंने हादसे पर दुख जताया और पीड़ित लोगों तक हर मुमकिन मदद पहुंचाने की बात कही। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, 'बाबा अमरनाथ जी की गुफा के पास बादल फटने से आई बाढ़ के संबंध में मैंने LG मनोज सिन्हा जी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है। लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की कामना करता हूं।'

मौसम विभाग की चेतावनी: 16 राज्यों में कहर बरपाएगा मॉनसून

 प्रदेश 24 न्यूज, भोपाल। (डेस्क )

देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में अगले पांच दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग (आईएमडी) की ओर से जारी की गई चेतावनी के अनुसार, अगले कुछ दिन मॉनसून कहर बनकर टूटने वाला है।  
त्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा,पंजाब, तेलंगाना, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारी से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। इससे पहले शुक्रवार शाम को अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई बाढ़ में बह गए। मौसम विभाग ने एक दिन पहले यहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी।

आईएमडी ने देश के 16 राज्यों और केंद्र शामित प्रदेशों में अगले पांच दिन गरज और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। अपने नवीनतम बुलेटिन में, मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि जम्मू और कश्मीर में रविवार यानि 10 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है। शुक्रवार शाम को अमरनाथ गुफा के पास बादल फटा था। इस घटना में कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग बह गए। जिनका रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

घाटी में हाल ही में भारी बारिश हुई है, रात भर हुई बारिश और उसके बाद हुए भूस्खलन के कारण शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा बाधित हुई है। बारिश से संबंधित स्थिति के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी अवरुद्ध हो गया था।

तेलंगाना में स्कूल बस डूबी
बारिश के कारण तेलंगाना और गुजरात सहित कई अन्य राज्यों में जलभराव और बाढ़ आ गई है। इससे पहले आज, तेलंगाना में 30 छात्रों को ले जा रही एक स्कूल बस आंशिक रूप से जलमग्न सड़क में डूब गई। छात्रों को बाद में स्थानीय लोगों ने बचाया और आधे पानी में डूबे वाहन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया।

यूपी, राजस्थान और पंजाब में गर्मी से राहत
इस बीच, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब को गर्मी से कुछ राहत मिलने की भविष्यवाणी की गई है क्योंकि मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा है कि इन राज्यों में भी बारिश होने की संभावना है। अगले पांच दिनों में उत्तर प्रदेश में बिजली और गरज के साथ छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। अगले पांच दिनों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान के कुछ इलाकों में छिटपुट और कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है, 10 जुलाई को ज्यादा बारिश हो सकती है।

16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अलर्ट जारी
अगले पांच दिनों में 13 जुलाई तक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में गरज और बिजली गिरने के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है। 10 जुलाई को जम्मू-कश्मीर में, 10, 11 और 12 जुलाई को हिमाचल प्रदेश में और 11 और 12 जुलाई को उत्तराखंड में गरज और बिजली के साथ बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

मंगलवार, 14 जून 2022

पंचायत चुनाव में ‌इस‌बार कड़ा मुकाबला

 भोपाल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।


गुरुवार, 31 मार्च 2022

बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के पत्र पर मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

15 अप्रैल तक चुका सकेंगे किसान खरीफ फसल ऋण: शिवराज सिंह

28 मार्च को विधायक खत्री ने लिखा था मुख्यमंत्री जी को पत्र

प्रदेश पब्लिसिटी - भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को एक बड़ी सौगात देते हुए ऋण जमा करने की तिथि में बढ़ोतरी करते हुए 15 अप्रैल कर दी है। जिससे प्रदेश के किसानों को भुगतान करने में परेशानी नहीं होगी और न ही किसानों को देरी से होने वाले भुगतान पर ब्याज भी नहीं लगेगा। साथ ही बैंक ऋण भुगतान नहीं करने की दशा में डिफाल्टर भी नहीं होंगे। इससे पहले जमा करने की अंतिम तिथि 28 मार्च थी। जिसके बाद ऋण पर ब्याज एवं डिफाल्टर होने की परेशानी हो रही थी।

उल्लेखनीय है कि किसानों पर पिछले 2 सालों से लॉक डाउन सहित अन्य भार का वहन करना पड़ा था। ऐसे में 4 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर खरीदी होना है और 31 मार्च तक किसानों को भुगतान करने की सीमा तय की गई थी। लेकिन बैरसिया विधायक विष्णु खत्री ने 28 मार्च को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर  क्षेत्र के किसानों के साथ-साथ प्रदेश के किसानों की समस्या को उठाते हुए तत्काल पत्र लिखकर मांग की थी कि किसानों पर ऋण का बोझ है, जिसे वे फसल आने तक नहीं जमा कर सकते हैं। इसलिए ऋण जमा करने की अवधि में बढ़ोतरी की जाना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने  कहा कि किसानों के लिए खरीफ फसल का ऋण चुकाने की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 15 अप्रैल की जा रही है। किसानों को खरीफ फसल के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा  लिया गया था। लोन चुकाने की अवधि 31 मार्च को समाप्त हो रही थी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कई किसान भाई-बहन इस राशि को जमा नहीं करा पाए हैं। अवधि समाप्त होने के बाद वे डिफाल्टर हो जाएंगे और डिफाल्टर होने के बाद उन्हें अधिक ब्याज देना होगा। इसके दृष्टिगत  खरीफ फसल   का ऋण चुकाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अप्रैल की जा रही है, इससे किसानों को ऋण चुकाने में सुविधा होगी और वे डिफाल्टर नहीं होंगे।

बढ़ी हुई अवधि का 60 करोड़ रूपये राज्य सरकार भरेगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बढ़ाई गई अवधि के लोन के ब्याज का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा, जिसकी राशि लगभग 60 करोड़ रूपये होगी। यह राशि किसानों की ओर से राज्य  सरकार द्वारा भरी जाएगी। इससे किसान अपने ऋण की राशि सुविधाजनक तरीके से भर सकेंगे और वे  डिफाल्टर भी नहीं हो पाएंगे।

विधायक विष्णु खत्री ने माना मुख्यमंत्री जी का आभार 

बैरसिया विधायक विष्णु खत्री ने ट्वीटर के माध्यम से स् जननायक आदरणीय मुख्यमंत्री जी द्वारा ऋण जमा करने की तिथि को 15 अप्रैल कर दिया गया है...। सदैव किसान हित एवं विकास में निर्णय लेने के लिए, संपूर्ण किसान भाईयों की तरफ से माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति हृदय से धन्यवाद एवं आभार..


शनिवार, 12 मार्च 2022